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नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² हर माठकी पहली कोशिश रहती है ताकि शिशॠको किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। नयी माठके जानकारी के लिठआगे आपको विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताते है।
नà¥à¤¯à¥‚ बोरà¥à¤¨ बेबी को अचà¥à¤›à¥‡ से दूध पिलाà¤à¤‚ – माठका दूध शिशॠके विकास में मददगार साबित होता है। इसलिठशिशॠको कम से कम छे महीने माठकी दूध की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। माठके दूध में कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ उपसà¥à¤¤à¤¿à¤¥ रहते है जो बेबी को पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते है। शिशॠको दूध पिलाते समय माठअचà¥à¤›à¥€ तरह गोद में सà¥à¤²à¤¾à¤•र हाथो का सहारा देकर पिलाना चाहिà¤à¥¤ माठका दूध शिशॠके जीवन के लिठकिसी संजीवनी बूटी से कम नहीं होता है। माठका दूध शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियो को मजबूत करता है। लेकिन माठको इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना बचà¥à¤šà¥‡ को कब à¤à¥‚ख लग रही है और कब नहीं ताकि सही समय पर दूध पीला सके।
नवजात शिशॠको अचà¥à¤›à¥‡ से पकड़ना चाहिठ– जैसा की आपको मालूम है नवजात शिशॠका शरीर बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• व कोमल होता है। इसलिठबहà¥à¤¤ सावधानी से उनको हाथ में पकड़ना व सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिठताकि बेबी को चोट न लग पाà¤à¥¤ कà¥à¤› लोगो का कहना है बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ को सही से गोद में लिया जाता है तो बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ अधिक नहीं रोते है। शिशॠके सिर पर हाथ लगाकर रखे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠकी गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशिया बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ की गरà¥à¤¦à¤¨ लटकने का जोखिम रहता है। इसलिठआप जब à¤à¥€ शिशॠको उठाती है तो à¤à¤• हाथ शिर पर और दूसरा पेरो पर लगा कर रखे।
नवजात शिशॠकी अचà¥à¤›à¥€ देखà¤à¤¾à¤² के लिठसही समय पर नहलाना चाहिठ– बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नहलाना बहà¥à¤¤ आसान होता है लेकिन नवजात शिशॠको नहलाना बहà¥à¤¤ कठिन होता है। इसलिठशिशॠको नहलाने से पहले सब तैयारी करके रखे। जैसे टावल, कपडा, साबà¥à¤¨, शैमà¥à¤ªà¥‚ रख ले व जितने पानी की जरà¥à¤°à¤¤ है उतना टप में रख ले। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¥‡ शरीर में à¤à¤• साथ साबà¥à¤¨ लगाठकिनà¥à¤¤à¥ बेबी साबà¥à¤¨ लगाà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ को हलà¥à¤•े हाथ से नहलाà¤à¤‚ व बाल शिशॠको है तो बेबी शैमà¥à¤ªà¥‚ लगाà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ गोद में अचà¥à¤›à¥‡ से पकड़ के नहलाये। इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ को रोजाना नहलाना जà¥à¤°à¥‚री नहीं है लेकिन कपडे से साफ सफाई कर सकते है।
नवजात शिशॠका सिर हमेशा पोछते रहे – बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रोजाना नहलाना जरà¥à¤°à¥€ नहीं है लेकिन बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ के हाथ और पैर सिर को साफ सूती कपडे से पोछते रहना चाहिà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‡ के कपडे à¤à¥€ बदलते रहे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि रोजाना à¤à¤• कपडा न पहनाà¤à¥¤ यदि बचà¥à¤šà¥‡ कपडे पर दूध गिरा देते है या उलà¥à¤Ÿà¥€ कर देते है तो तà¥à¤°à¤‚त कपडे को बदल देना चाहिà¤à¥¤ अगर बचà¥à¤šà¤¾ पेशाब बहà¥à¤¤ कर रहा है तो डायपर को सही समय पर बदल दे। शिशॠकी छोटी से छोटी चीजों का खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ खास तौर पर शिशॠके हाथो और पेरो के नाख़ून व उनमे सà¥à¤¤à¤¿à¤¥ मैल को साफ कर ले।
नवजात शिशॠके डायपर बदलते रहे – बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर पहनाने के बाद कà¥à¤› माठको समठनहीं आ पाता की डायपर कितने समय के बाद बदलनी चाहिà¤à¥¤ कई à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ लोग रहते है जो पैसो को पानी की तरह बहाते है जैस की बहà¥à¤¤ सारे डायपर खरीद लेते है और बिना गीले हà¥à¤ डायपर बार बार बदलते रहते है जो की सही नहीं है। नवजात शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ नरम व कोमल होती है इसलिठबार बार करने से बेबी के तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर रेसेस आ सकता है। इसके अलावा कà¥à¤› शिशॠबहà¥à¤¤ पेशाब व मल करने लगते है जिसके कारण डायपर जलà¥à¤¦à¥€ न बदलने से शिशॠको देने निकल आते है जिसे चिकिसà¥à¤¤à¤• जांच कर बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ डायपर पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने के लिठकहते है। यदि बचà¥à¤šà¤¾ डायपर गिला किया है तो उसे तà¥à¤°à¤‚त बदल देना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलने का जोखिम रहता है। (और पà¥à¥‡ – नीम के फायदे संकà¥à¤°à¤®à¤£ रोकने के)
शिशॠकी मालिश करते रहे – शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत करने के लिठमालिश करना बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ होता है लेकिन तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोमल व नाजà¥à¤• है इसलिठहलà¥à¤•े हाथो से मालिश करना चाहिà¤à¥¤ शिशॠको मालिश करने से उनको बहà¥à¤¤ आराम मिलता हैं। इसके अलावा शिशॠको चिड़चिड़ाहट की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक नहीं रहती है। बचà¥à¤šà¥‡ को मालिश जरूर करे। (और पà¥à¥‡ – विटामिन डी की कमी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है)
बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ की नींद का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखे – बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ के जनà¥à¤® के बाद माठके ऊपर बहà¥à¤¤ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ आ जाती है। नवजात शिशॠबहà¥à¤¤ सोता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¥‡ समय पर खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठबचà¥à¤šà¤¾ कब सो रहा है और कब सो रहा है। बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ का सोते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे की बचà¥à¤šà¥‡ का सिर व हाथ पैर ठीक है कही मà¥à¥œà¥‡ तो नहीं है।
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